240+ Best Kharab Kismat Shayari In Hindi | खराब किस्मत शायरी 

October 15, 2026
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Written By Mehak Sethi

Hi, I’m Mehak Sethi, a writer who loves expressing emotions through meaningful words and poetry. At ShayariMuse.com, I create and curate heartfelt shayari, quotes, and messages inspired by love, relationships, life, and everyday feelings. My goal is to help readers find the right words to express what they feel and connect with content that truly touches the heart. 

आपने सुबह से रात तक मेहनत की, हर काम दिल से किया, फिर भी नतीजा वही पुराना रहा। ऐसे में मन अपने आप पूछ बैठता है कि क्या मेरी किस्मत ही खराब है। अगर आप भी इसी दौर से गुज़र रहे हैं, तो यहाँ आपको Kharab Kismat Shayari In Hindi का ऐसा कलेक्शन मिलेगा जो आपके दिल की बात बिना बोले कह देगा।

इस पेज पर आपको खराब किस्मत पर 2 लाइन की छोटी शायरी, बदकिस्मती की शायरी, मोहब्बत और ज़िंदगी से जुड़ी शायरी और थोड़ी मज़ाकिया शायरी भी मिलेगी। साथ में रोमन इंग्लिश यानी Hinglish वाली शायरी भी है, जिसे आप सीधे WhatsApp स्टेटस या Instagram कैप्शन में लगा सकते हैं।

हर शायरी हमने सादी और साफ़ हिंदी में लिखी है, ताकि आप उसे अपना सकें। और अगर आपको दर्द के साथ थोड़ी हिम्मत भी चाहिए, तो आख़िर में किस्मत बदलने वाली शायरी भी रखी है। चलिए, शुरू करते हैं।

Kharab Kismat Shayari In Hindi

Kharab Kismat Shayari In Hindi

मैंने रास्ते बदले, इरादे नहीं बदले
किस्मत ने बस मंज़िलें बदल दीं

हर बार लगता है अब सब ठीक होगा
हर बार किस्मत नया बहाना ढूँढ लेती है

जो मेरे हिस्से का था, वो भी दूर रह गया
शायद किस्मत को मेरी ख़ुशी मंज़ूर नहीं थी

कोशिशों में कमी नहीं थी मेरी
बस किस्मत को मेरी जीत पसंद नहीं थी

दरवाज़े पर दस्तक देती रही ख़ुशी
मगर किस्मत ने ताला ही बदल दिया

जो पाया उसे किस्मत ने टिकने नहीं दिया
जो खोया उसका हिसाब आज भी बाक़ी है

हाथ खाली हैं पर हौसला अब भी साथ है
किस्मत से बस इतना ही तो सीखा है मैंने

सब कहते हैं वक़्त बदलेगा एक दिन
मैं वो एक दिन गिनते गिनते थक गया हूँ

चिराग़ मैंने जलाया था रात भर
हवा को भी मुझसे ही शिकायत निकली

जिसे अपना समझा वही पराया निकला
किस्मत का हर सबक़ बड़ा महँगा निकला

ख़्वाब आँखों में सजाए थे बड़े प्यार से
किस्मत ने नींद ही छीन ली इंतज़ार में

मेरी हर मेहनत पे किसी और की मुहर लग गई
किस्मत शायद मुझसे ज़्यादा उसे चाहती थी

उम्मीद का दामन थामे चलता हूँ अब भी
बस किस्मत से भरोसा थोड़ा कम हो गया है

कहते हैं मंज़िल सब्र वालों को मिलती है
मैंने तो सब्र भी बहुत कर लिया किस्मत जी

जो बात किस्मत में नहीं थी उसे दिल ने चाहा
इसी चाहत ने मुझे बार बार रुलाया है

थोड़ी सी ख़ुशी भी अब दावत लगती है
किस्मत ने इतना भूखा जो रखा है मुझे

मेरे नसीब का सूरज किसी और आँगन में उगा
मेरे हिस्से में तो बस ढलती शाम आई

हार जाना बुरा नहीं लगता अब मुझे
बुरा तब लगता है जब हर बार वही कहानी हो

मैंने किस्मत से कोई सौदा नहीं माँगा था
बस थोड़ा सा सुकून उधार माँगा था

जहाँ से लौट आया वहाँ कुछ बचा ही नहीं था
किस्मत हर जगह मुझसे पहले पहुँच गई थी

कितनी बार गिरा हूँ ये गिनती छोड़ दी है
अब बस इतना देखता हूँ कि उठना बाक़ी है

रब से शिकायत नहीं बस एक सवाल है
मेरी ही किस्मत में इतना इंतज़ार क्यों है

जिसे चाहा वो मिला नहीं
जो मिला उसे चाहा गया नहीं

तक़दीर ने हर मोड़ पर इम्तिहान लिया
और नतीजा हर बार मेरे ख़िलाफ़ रखा

उम्र भर कोशिश की किस्मत को मनाने की
किस्मत रूठी रही और मैं हँसता रहा

जो आसानी से सबको मिल जाता है
वही मेरे लिए सबसे मुश्किल सफ़र बन जाता है

हालात बदले नहीं बस आदत हो गई है
किस्मत की मार सहने की आदत हो गई है

मैं अपनी क़िस्मत का हिसाब क्या करूँ
जहाँ जमा था वहाँ सब कुछ घटा मिला

सब कुछ ठीक है बोलकर टाल देता हूँ
अंदर जो टूटा है वो किस्मत जानती है

आज भी उसी मोड़ पर खड़ा हूँ मैं
जहाँ किस्मत ने साथ छोड़ा था मेरा

खराब किस्मत शायरी 2 लाइन

खराब किस्मत शायरी 2 लाइन

किस्मत रूठी है
वरना हम भी कम नहीं थे

मेहनत मेरी थी
नाम किसी और का आया

सपने बड़े थे
नसीब छोटा निकला

हम चलते रहे
किस्मत रुकती रही

दुआ क़बूल हुई
बस मेरी नहीं हुई

किस्मत ने हँसाया कम
रुलाया बार बार

जो चाहा वो दूर रहा
जो मिला वो मजबूर रहा

नसीब का क्या कहें
हर बार दगा दे गया

उम्मीद ज़िंदा है
किस्मत ही सोई हुई है

हार से डर नहीं लगता
किस्मत से लगने लगा है

ख़ुशी आई तो थी
पर ठहरी नहीं

मैं वही हूँ
बस किस्मत बदल गई

वक़्त बुरा है
या किस्मत ही ऐसी है

लकीरें साथ हैं
पर किस्मत नहीं

सब मिला मुझे
बस मेरी ख़ुशी नहीं मिली

किस्मत की मार
सबसे गहरी चोट देती है

मंज़िल दिखी थी
रास्ता किस्मत ने बदल दिया

जीत के क़रीब था
किस्मत ने हाथ छुड़ा लिया

मैं सच्चा था
किस्मत झूठी निकली

ख़ाली हाथ हूँ
पर ख़ाली दिल नहीं

दुआएँ बहुत की
असर किस्मत ने रोक लिया

हँसी चेहरे पर है
किस्मत दिल पे लिखी है

नसीब में था ही नहीं
वरना हम छोड़ते कहाँ

थक गया हूँ
किस्मत से लड़ते लड़ते

आज फिर किस्मत ने
मुझे अकेला छोड़ दिया

कोशिश पूरी थी
किस्मत अधूरी निकली

किस्मत से क्या माँगूँ
जब देना उसे आता ही नहीं

बहुतों को सब मिला
मुझे सिर्फ़ सबक़ मिला

किस्मत बड़ी बेरहम है
हर ख़ुशी पर पहरा रखती है

रात बीत जाती है
किस्मत की रात नहीं बीतती

Bad Luck Shayari In Hindi | बदकिस्मत शायरी

Bad Luck Shayari In Hindi | बदकिस्मत शायरी

बदकिस्मत हूँ या किस्मत को मुझसे बैर है
जो भी चाहा वही हो गया मेरा ग़ैर है

जिस राह पर चला वहीं तूफ़ान आ गया
बदकिस्मती का मुझसे रिश्ता पुराना है

मैं छाँव ढूँढता रहा धूप साथ चलती रही
बदकिस्मत हूँ शायद छाया भी रूठ गई

बारिश में निकला तो छतरी टूट गई
मेरी बदकिस्मती हर जगह मेरे साथ गई

जहाँ भी गया वहाँ मौक़ा निकल चुका था
बदकिस्मती हमेशा मुझसे पहले पहुँचती रही

कहते हैं बुरा वक़्त सबका आता है
मेरा तो जाने का नाम ही नहीं लेता

जिस दिन सोचा आज सब अच्छा होगा
उसी दिन सबसे बड़ी गड़बड़ हो गई

मुझे देखकर तो भाग्य भी मुँह फेर लेता है
शायद उसे भी मेरी हालत पर शर्म आती है

ट्रेन छूटी तो सोचा अगली मिल जाएगी
बदकिस्मती ने अगली भी रद्द करवा दी

जिसके पीछे भागा वही दूर होता गया
बदकिस्मत हूँ जो ठहर जाता तो मिल जाता

लोग कहते हैं सितारे चमकते हैं
मेरे सितारे तो शायद छुट्टी पर हैं

मेरी कुंडली में भी कोई दाग़ है
हर ग्रह मुझसे बस नाराज़ है

जीतने का मौक़ा मिला भी तो आख़िरी साँस पर
बदकिस्मती को मेरा ये हाल पसंद आया

सब कुछ सही करके भी ग़लत साबित हुआ
यही तो असली बदकिस्मती है

मेरी बदकिस्मती पर लोग हँसते हैं
मैं भी हँस देता हूँ आदत जो हो गई

मौक़ा मेरे दरवाज़े तक आया था
मैं सो रहा था या किस्मत सोई थी

नसीब वालों को ख़ुदा सब देता है
बदकिस्मतों को बस सब्र देता है

जिसे हाथ लगाया वो मिट्टी हो गया
सोना कहने वालों ने बस ताना दिया

कभी किसी की दुआ में मैं भी था
शायद बदकिस्मती ने वो पन्ना फाड़ दिया

मैं हर बार आख़िर में पहुँचा
किस्मत हर बार पहले पहुँच गई

बुरा वक़्त अकेला कहाँ आता है
साथ में बदकिस्मती भी ले आता है

मेरे हिस्से का आसमान छोटा निकला
बदकिस्मती ने पंख भी गिन लिए

ग़म मुझसे मिलने का वक़्त नहीं लेता
बदकिस्मत हूँ सीधा घर आ जाता है

जिसने सुना वही बोला बहुत बदकिस्मत हो
मैंने मुस्कुराकर कहा तभी तो तुम मिले

सब कुछ पास होकर भी कुछ कम सा लगता है
बदकिस्मती शायद इसी का नाम होता है

Buri Kismat Shayari | नसीब खराब शायरी

Buri Kismat Shayari | नसीब खराब शायरी

नसीब में जो लिखा था वो मैंने पढ़ लिया
अब किसी से शिकवा करने का मन नहीं

ख़राब नसीब ने इतना तो सिखा दिया
अब बिना सहारे चलना आ गया है

लकीरों में जो नहीं था उसे दुआ से माँगा
दुआ भी थक गई नसीब वही रहा

नसीब वालों के हाथ में सब आ जाता है
मेरे हाथ में बस ख़ाली लकीरें आईं

तक़दीर पर मेरा बस नहीं चलता
मेरी ज़िद पर तक़दीर का बस नहीं चलता

मुक़द्दर ने मुझे आज़माया बहुत
मैंने भी हर बार हाथ बढ़ाया बहुत

जिसे मुक़द्दर में लिखा नहीं गया
उसे दिल से मिटाना भी आसान नहीं

नसीब की बात है कि वो मिला भी नहीं
और मेरी दुआओं में अब भी वही है

बुरे नसीब ने इतना तो किया
मुझे अपनों की पहचान करवा दी

कुछ लोग नसीब से मिलते हैं
कुछ लोग नसीब बिगाड़ने आते हैं

जो मिला वो नसीब था जो खोया वो सबक़
दोनों का हिसाब वक़्त पर छोड़ दिया

नसीब ने जब हाथ छोड़ा तब पता चला
कौन सच में साथ चलने वाला था

तक़दीर से बड़ी जंग लड़ी है मैंने
हारकर भी अपना सिर झुकने नहीं दिया

मेरी क़िस्मत के पन्ने बहुत सादे हैं
किसी ने रंग भरने की कोशिश ही नहीं की

नसीब में होता तो छत भी मिल जाती
अब दीवारों से बातें करना सीख लिया

सितारों की चाल पर क्यों भरोसा करूँ
जब मेरा नसीब ही उलटी चाल चलता है

जो नसीब से नहीं मिलता वो दुआ से नहीं मिलता
ये बात दिल को समझाने में उम्र लग गई

नसीब का लिखा मिटाया नहीं जाता
बस उसके साथ जीना सीखा जाता है

अच्छे लोगों का नसीब अक्सर ख़राब क्यों होता है
शायद रब उन्हें और तराशना चाहता है

मेरा नसीब मुझसे आगे निकल गया
मैं पीछे पीछे बस दौड़ता रह गया

आँखों में सपने थे हाथों में नसीब नहीं
इसीलिए हर ख़्वाब अधूरा रह गया

नसीब पर रोने से कुछ नहीं बदलता
पर थोड़ा रो लेने से दिल हल्का हो जाता है

बुरे नसीब का एक फ़ायदा भी है
हर अच्छा इंसान पहचान में आ जाता है

मेरे मुक़द्दर में बस इंतज़ार लिखा था
और मैंने उसे भी पूरी ईमानदारी से निभाया

नसीब ख़राब सही नीयत साफ़ है मेरी
इसी भरोसे पर हर सुबह उठ जाता हूँ

Kharab Kismat Shayari On Life | ज़िंदगी पर

Kharab Kismat Shayari On Life | ज़िंदगी पर

ज़िंदगी ने इतने इम्तिहान लिए
अब सवाल भी आसान लगने लगे हैं

जब सब ठीक होने लगता है
ज़िंदगी कोई नया मोड़ ले आती है

ज़िंदगी से कोई शिकायत नहीं मुझे
बस किस्मत से बात करनी बाक़ी है

बड़ा अजीब है ये सफ़र ज़िंदगी का
जिसे साथ चाहा वही बिछड़ गया

ज़िंदगी सबको एक मौक़ा देती है
मुझे लगता है मेरा मौक़ा कहीं खो गया

जो मिला उसी में ख़ुश रहना सीखा
पर किस्मत ने ख़ुश रहना भी मुश्किल कर दिया

ज़िंदगी की किताब में पन्ने बहुत हैं
पर मेरी कहानी में ख़ुशी का पन्ना नहीं

वक़्त के साथ चलना आसान नहीं
जब किस्मत हर क़दम पर रोके

मैंने ज़िंदगी को क़रीब से देखा है
उसमें किस्मत का हिस्सा बहुत बड़ा है

कभी कभी सब कुछ करके भी
ज़िंदगी ख़ाली हाथ लौटा देती है

थका हारा हूँ पर रुका नहीं हूँ
ज़िंदगी ने इतना तो सिखा दिया

कुछ दिन ऐसे भी आते हैं
जब किस्मत से ज़्यादा ख़ुद पर ग़ुस्सा आता है

ज़िंदगी की दौड़ में पीछे रह गया
शायद मेरी किस्मत की रफ़्तार धीमी थी

सब कहते हैं ज़िंदगी सुंदर है
मैं भी मानता हूँ बस मेरी बारी नहीं आई

ज़िंदगी ने जो दिया उसे अपना लिया
जो नहीं दिया उसका इंतज़ार छोड़ दिया

किस्मत ख़राब हो तो अपने भी बदल जाते हैं
ज़िंदगी सबसे पहले यही तो सिखाती है

रोज़ नई उम्मीद के साथ जागता हूँ
रोज़ किस्मत उसे थोड़ा और कमज़ोर कर देती है

ज़िंदगी में सब कुछ पाने की चाह नहीं
बस थोड़ा सा सुकून मिल जाए तो काफ़ी है

जिसने ज़िंदगी में कभी कुछ नहीं खोया
उसे मेरी कहानी कभी समझ नहीं आएगी

मैंने ज़िंदगी को दोष देना छोड़ दिया
किस्मत से भी अब कोई हिसाब नहीं रखता

बचपन में सोचा था बड़े होकर सब मिलेगा
अब समझ आया सब कुछ किस्मत की बात है

ज़िंदगी के हर रंग से वाक़िफ़ हूँ
बस ख़ुशी का रंग कभी मेरे हिस्से नहीं आया

कुछ लोग ज़िंदगी जीते हैं
कुछ लोग बस किस्मत की मार सहते हैं

ज़िंदगी ने सिखाया कि कुछ भी स्थायी नहीं
शायद मेरी ये ख़राब किस्मत भी नहीं

आज भी चल रहा हूँ इसी उम्मीद में
कि ज़िंदगी कभी तो मेहरबान होगी

Kharab Kismat Love Shayari | मोहब्बत में बदकिस्मती

Kharab Kismat Love Shayari | मोहब्बत में बदकिस्मती

उसे पाने की हर दुआ अधूरी रह गई
किस्मत ने उसे किसी और की झोली में डाल दिया

मोहब्बत सच्ची थी मेरी
बस किस्मत ने साथ नहीं दिया

उसकी हँसी में अपनी किस्मत ढूँढता रहा
वो किसी और की ख़ुशी निकली

हम दोनों के बीच कोई दूरी नहीं थी
बस किस्मत ने एक दीवार खड़ी कर दी

चाहत बहुत थी मगर नसीब में नहीं था
इसीलिए उसे ख़ुदा से माँगना छोड़ दिया

उसने कहा मैं तुम्हारी किस्मत में नहीं
काश ये बात उसने पहले बताई होती

जिसे पाने के लिए सब कुछ हार दिया
उसी ने कहा किस्मत से हार गए

मेरी किस्मत की लकीरों में उसका नाम नहीं
पर मेरी हर साँस में उसका नाम है

उसकी तस्वीर आज भी संभाल कर रखी है
किस्मत ने उसे छीना यादें नहीं

प्यार में हारा नहीं हूँ मैं
बस किस्मत से हाथ छुड़ा बैठा हूँ

वो मिल जाता तो किस्मत पर नाज़ होता
अब किस्मत से बस शिकायत रह गई है

जो मोहब्बत मुक़द्दर में नहीं होती
वही सबसे ज़्यादा दिल में बसी होती है

मैंने उसे किस्मत से नहीं दुआ से माँगा था
दुआ भी किस्मत के आगे हार गई

इश्क़ में बदकिस्मत वही होता है
जो सच्चा हो और ग़लत वक़्त पर मिला हो

उसके बिना जीना सीख लिया है
पर किस्मत को माफ़ करना नहीं सीख पाया

हमारी कहानी अधूरी रह गई
किस्मत ने आख़िरी पन्ना ही छुपा लिया

वो आज किसी और के साथ ख़ुश है
मेरी किस्मत ने बस मुझे हँसना सिखाया

उसे खोकर पता चला मोहब्बत क्या है
किस्मत ने पहले ही सारी कहानी लिख दी थी

मिलने की हर कोशिश नाकाम रही
किस्मत को हमारा मिलना मंज़ूर नहीं था

चाहने वाले तो बहुत मिले
पर जिसे चाहा वो किस्मत में नहीं मिला

उसकी याद में हर रात जागता हूँ
किस्मत ने नींद भी उसके नाम कर दी

मोहब्बत में किस्मत का साथ चाहिए
वरना दिल सिर्फ़ टूटने के लिए होता है

मैंने अपना हर हिस्सा उसे दे दिया
किस्मत ने बदले में बस इंतज़ार दिया

उसका साथ किस्मत में नहीं था
पर उसकी यादों पर मेरा हक़ आज भी है

प्यार में वो सब कुछ मिला
जो किस्मत ने बदनसीबों के लिए रखा था

दो दिल मिले थे एक ही रास्ते पर
किस्मत ने मोड़ पर रास्ते अलग कर दिए

कोई शिकवा नहीं बस एक अफ़सोस है
काश किस्मत ने हमें थोड़ा वक़्त और दिया होता

उसे याद करना अब आदत बन गई है
और भूल जाना किस्मत के बस की बात नहीं

Dard Bhari Kharab Kismat Shayari

Dard Bhari Kharab Kismat Shayari

दर्द इतना है कि अब शब्द कम पड़ गए
किस्मत ने आँसू भी गिनकर दिए हैं

हर मुस्कान के पीछे एक टूटन छुपी है
किस्मत ने सबको यही तो सिखाया है

रात भर आँखों ने जो कहा
सुबह होते होते चेहरा छुपा गया

दिल में जो दबा है कहूँ तो किससे
किस्मत भी अब सुनने से कतराती है

आँसू भी अब आँखों से रूठ गए
किस्मत ने रोने का हक़ भी छीन लिया

ज़ख़्म दिखाने से बेहतर है छुपा लेना
किस्मत ने भी कब किसी का मरहम बनना सीखा

मेरे दर्द का हिसाब कोई क्या रखेगा
जब किस्मत ख़ुद लेनदार बनकर बैठी है

दर्द हद से बढ़ा तो हँसना सीख लिया
आँसू तो किस्मत के हाथों बिक चुके हैं

टूटा हूँ पर बिखरा नहीं हूँ
ये किस्मत को भी हैरान कर गया

हर रात दर्द मुझसे बातें करता है
हर सुबह किस्मत उसे मेरे नाम कर जाती है

जो कुछ चुपचाप सह लिया मैंने
उसे लफ़्ज़ों में कहना मुमकिन नहीं

मेरी ख़ामोशी में बहुत शोर है
किस्मत सुनती तो शायद बदल जाती

दिल का बोझ कोई बाँट नहीं सकता
किस्मत ने ऐसा ही तो लिखा था

बहुत रोया हूँ चुपके चुपके
कि कोई मेरी किस्मत को कमज़ोर न समझे

ख़ुद से बातें करने की आदत हो गई
किस्मत ने सबको दूर जो कर दिया

सीने में एक तूफ़ान दबा रखा है
किस्मत का दिया हर घाव सहेज रखा है

आँखें नम हैं पर चेहरे पर मुस्कान है
यही तो किस्मत के मारों की पहचान है

कभी कभी रोने की वजह भी नहीं मिलती
बस किस्मत का पुराना दर्द जाग उठता है

दर्द ने मुझे बहुत कुछ सिखाया
किस्मत ने बस सहना सिखाया

हर ज़ख़्म पर किसी की दुआ चाहिए
पर किस्मत ने दुआ देने वाले भी छीन लिए

किस्मत ने उड़ाया मज़ाक शायरी

किस्मत ने उड़ाया मज़ाक शायरी

किस्मत ने छप्पर फाड़कर दिया जिसे
मेरे घर तो बस बारिश ही आई

जब भी सोचा आज बच जाऊँगा
किस्मत बोली अभी तो शुरुआत है

मैंने किस्मत से कहा थोड़ा रहम कर
वो बोली रहम मेरी डिक्शनरी में नहीं

क़तार बदली तो दूसरी तेज़ चलने लगी
किस्मत मेरी हर लाइन में मज़ाक बनाती है

इतनी ख़राब किस्मत है मेरी
लॉटरी में भी धन्यवाद का मैसेज आता है

मेरी किस्मत पर तो मौसम भी हँसता है
धूप माँगूँ तो बारिश भेज देता है

जिस दुकान पर पहुँचा सामान ख़त्म
किस्मत मुझे देखकर ही स्टॉक बंद कर देती है

नेटवर्क भी मेरी तरह कमज़ोर है
और किस्मत उससे भी ज़्यादा बेवफ़ा है

मैंने सोचा आज जल्दी सो जाऊँगा
किस्मत ने कहा पहले पुरानी बातें याद कर

परीक्षा में जो पढ़ा था वो आया नहीं
जो आया वो मैंने पढ़ा नहीं

हर बार जब ख़ुश होने लगता हूँ
किस्मत नोटिफ़िकेशन भेज देती है कि अभी नहीं

लोग किस्मत से लड्डू पाते हैं
मुझे तो डिब्बा भी ख़ाली मिलता है

मुझसे ज़्यादा तो किस्मत भी थकी होगी
रोज़ नया मज़ाक सोचना आसान नहीं

हम तो बस चाय माँग रहे थे
किस्मत ने पूरा इम्तिहान थमा दिया

मेरा बटुआ और मेरी किस्मत
दोनों में बस यादें ही बची हैं

किस्मत से बोला एक मौक़ा दे दे
वो बोली पहले अपनी लकीरें ठीक कर आ

मेरी किस्मत इतनी तेज़ है कि
जिस बस में चढ़ूँ वो भी रूट बदल देती है

मेरी किस्मत में बस ट्रैफ़िक जाम लिखा है
मंज़िल तक पहुँचना तो बहुत दूर की बात है

किस्मत ने कहा चिंता मत कर सब ठीक होगा
फिर हँसी और बोली किसी और का

मेरी किस्मत और मेरा फ़ोन एक जैसे हैं
दोनों ज़रूरत के वक़्त बंद हो जाते हैं

Kismat Badalne Wali Shayari | Hope aur Motivation

Kismat Badalne Wali Shayari | Hope aur Motivation

किस्मत रोज़ नई लिखी जाती है
बस कलम तुम्हारे हाथ में होनी चाहिए

जो आज हार गया वो कल जीत सकता है
बस उसे आज थमना नहीं चाहिए

लकीरें हाथ की होती हैं तक़दीर नहीं
तक़दीर तो इरादों से बनती है

रात जितनी भी लंबी हो सुबह होकर रहती है
किस्मत का अँधेरा भी कभी ढल ही जाता है

मुश्किलों से घबराना कैसा
यही तो किस्मत बदलने की पहली सीढ़ी हैं

जिसने गिरकर उठना सीख लिया
उसकी किस्मत को झुकना पड़ता है

आज का दिन बुरा है तो क्या हुआ
कल का दिन तुम्हारे नाम भी हो सकता है

हौसला रखो वक़्त बदलता ज़रूर है
बस थोड़ा सब्र और थोड़ी मेहनत बाक़ी है

किस्मत उन्हीं का साथ देती है
जो उसे कोसना छोड़ आगे बढ़ते हैं

एक दिन तुम्हारी मेहनत रंग लाएगी
और किस्मत ख़ुद दरवाज़ा खटखटाएगी

हारने से डरना क्या
हर हार अगली जीत की तैयारी होती है

जो चीज़ किस्मत में नहीं लिखी
उससे बेहतर कुछ इंतज़ार में हो सकता है

तूफ़ान आए तो घबराना मत
यही तुम्हारी जड़ें मज़बूत करता है

अपने सपनों को छोड़ना मत
किस्मत भी आख़िर में झुक जाती है

आज थोड़ा रुक जाओ पर टूटना मत
कल की सुबह तुम्हारी ही होगी

बुरा वक़्त सिखाता बहुत कुछ है
इसे गुरु मान लो किस्मत सँवर जाएगी

जो गिरा है वो उठ भी सकता है
बस उठने का इरादा ज़िंदा रखना

किस्मत को दोष देने से बेहतर है
एक नया क़दम उठा लिया जाए

जब सब रास्ते बंद लगें
तब एक नया रास्ता बनाना पड़ता है

मेहनत की स्याही कभी बेकार नहीं जाती
किस्मत के पन्ने पर एक दिन उभर आती है

आज तक हार गए तो क्या
अभी तो कहानी की शुरुआत बाक़ी है

जो टूटकर भी मुस्कुरा दे
किस्मत भी उसके आगे हार जाती है

वक़्त ने तुम्हें आज़माया है
क्योंकि तुम कुछ बड़ा करने वाले हो

नसीब बदलने की चाह रखो
फिर देखो रास्ते कैसे ख़ुद बनते हैं

धैर्य रखो दिन फिरते हैं
जो आज रुला रहा है कल वही हँसाएगा

Kharab Kismat Shayari In Hinglish

Kharab Kismat Shayari In Hinglish

Mehnat meri thi, naam kisi aur ka aaya
Shayad meri kismat ko mera haar jaana pasand tha

Kismat se ladna chhod diya hai maine
Ab bas khud se jeetne ki koshish karta hoon

Dua bahut ki, asar kuch na hua
Lagta hai kismat ne meri baat suni hi nahi

Jo kismat me nahi tha usi se pyaar hua
Isi liye har baar dil ka bura haal hua

Hasna toh seekh liya hai maine ab
Par kismat ne rulana nahi chhoda abhi tak

Subah subah naya sapna dekha tha
Dopahar tak kismat ne use bhi cheen liya

Log kehte hain sab kuch kismat ka khel hai
Toh phir mera hi khel itna mushkil kyun hai

Koi shikayat nahi hai zindagi se
Bas kismat se thoda sa gila baaki hai

Haath ki lakeeron me wo nahi tha
Isliye dua me roz usko maanga

Kismat ka khel bhi ajeeb hai yaar
Jo chaha wahi door hota gaya

Meri kismat bhi us mehmaan ki tarah hai
Jo aata hi nahi aur intezaar karwata hai

Mile the kabhi sab kuch paane ke raaste
Ab har raaste pe bas deewar mili hai

Kismat ne chhoda toh sabne chhod diya
Ab bas ek main hoon aur meri tanhaayi

Jise khud se zyada chaha tha maine
Kismat ne uski jagah mujhe tanha kar diya

Roz subah ek nayi umeed ke saath uthta hoon
Roz raat kismat se bas ek sawaal karta hoon

Kismat ki marzi chale toh chalne do
Main apni marzi se bas chalta rahunga

Hasi mere chehre pe, ghum kismat ke naam
Yehi toh mera roz ka kaam hai

Kismat kharab sahi, par hausla zinda hai
Isi hausle se roz kismat ko harata hoon

Aaj bura waqt hai toh bhi muskuraunga main
Kal ka din meri mehnat ke naam hoga

Kismat ki lakeeron ko maine mod diya
Ab apni raah khud banane nikal pada hoon

Kharab Kismat Kya Hoti Hai?

खराब किस्मत उस दौर को कहते हैं जब मेहनत और सही इरादों के बाद भी नतीजे आपके हक़ में नहीं आते। आम बोलचाल में इसे बदकिस्मती, बुरा नसीब या बुरा वक़्त भी कहा जाता है। 

कई लोग इसे किस्मत का खेल मानते हैं, तो कई इसे हालात और वक़्त का असर समझते हैं। सच यह है कि हर इंसान की ज़िंदगी में ऐसा दौर आता है, और यह हमेशा नहीं रहता। इसी एहसास को लफ़्ज़ों में ढालने का नाम खराब किस्मत शायरी है, जिसमें दर्द, शिकायत और उम्मीद, तीनों की झलक मिलती है।

Frequently Asked Questions

खराब किस्मत शायरी क्या होती है?

यह ऐसी शायरी है जो बदकिस्मती, टूटी उम्मीदों और बार बार मिली हार के एहसास को बयान करती है। इसमें दर्द के साथ कभी हिम्मत और कभी हल्का मज़ाक भी होता है।

खराब किस्मत शायरी को स्टेटस या कैप्शन में कैसे लगाएँ?

अपने मूड के हिसाब से 2 लाइन वाली छोटी शायरी चुनें और उसे सीधे कॉपी करके लगा दें। Instagram के लिए Hinglish वाली लाइनें ज़्यादा आसान रहती हैं।

किस्मत और नसीब में क्या फ़र्क़ है?

दोनों का मतलब लगभग एक ही है, यानी वह जो माना जाता है कि ऊपर वाले ने आपके लिए लिखा है। शायरी में किस्मत ज़्यादा आम बोलचाल का शब्द है और नसीब थोड़ा गहरा लगता है।

खराब किस्मत के दौर में कौन सी शायरी पढ़नी चाहिए?

अगर मन भारी है तो दर्द भरी शायरी से दिल हल्का कर लें। जब हिम्मत जुटानी हो तो किस्मत बदलने वाली और मोटिवेशन वाली शायरी पढ़ें।

क्या किस्मत बदली जा सकती है?

कोई पक्का दावा तो नहीं किया जा सकता, पर लगातार कोशिश, सही फ़ैसले और सब्र से हालात अक्सर बदल जाते हैं। बुरा दौर हमेशा नहीं रहता, यह बात ज़्यादातर लोगों की ज़िंदगी में सच साबित होती है।

Conclusion

हमें उम्मीद है कि यह Kharab Kismat Shayari In Hindi का कलेक्शन आपके दिल की बात कहने में काम आया होगा। कभी दर्द बाँटना होता है, कभी शिकायत करनी होती है और कभी बस दो लाइन में अपना हाल बताना होता है। यहाँ की शायरी इन सब मौक़ों के लिए है। जो लाइन आपके दिल को छू जाए, उसे अपने स्टेटस या कैप्शन में ज़रूर लगाइए।

याद रखिए, किस्मत का बुरा दौर चाहे जितना लंबा लगे, वह हमेशा नहीं रहता। आज जो हालात भारी लग रहे हैं, कल वही आपको मज़बूत बनाने की वजह बन सकते हैं। इसलिए शिकायत के साथ हौसला भी बनाए रखिए और कोशिश करते रहिए।

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