180+ Best Matlabi Shayari in Hindi (2026) – मतलबी लोगों और स्वार्थी रिश्तों पर दिल को छू जाने वाली शायरी

September 18, 2026
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Written By Mehak Sethi

Hi, I’m Mehak Sethi, a writer who loves expressing emotions through meaningful words and poetry. At ShayariMuse.com, I create and curate heartfelt shayari, quotes, and messages inspired by love, relationships, life, and everyday feelings. My goal is to help readers find the right words to express what they feel and connect with content that truly touches the heart. 

Matlabi Shayari in Hindi un jazbaaton ki awaaz hai jo har koi kabhi na kabhi mehsoos karta hai. Jab koi apna sirf apne fayde ke liye paas aata hai aur kaam nikalte hi door ho jaata hai, tab dil me jo dard uthta hai, wahi is shayari me utar aata hai.

Aaj ki duniya me rishte pehle jaise nahi rahe. Ek matlabi insaan sirf tab tak sath deta hai jab tak usse fayda milta rahe. Zaroorat khatam hoti hai, yehi ehsaas Dhoka Shayari me bhi gehraai se mehsoos hota hai.

Is post me tumhe Matlabi Shayari in Hindi ka bada collection milega. Matlabi yaar se lekar matlabi rishtedaron tak, har situation ki shayari yahan shamil hai.

Chahe WhatsApp status ho, Instagram caption ho, ya bas dil halka karna ho, yeh shayari tumhare liye sahi shabd degi. Swarthi duniya me apni baat kehne ka sabse asaan tareeka, seedhi aur dil se likhi hui shayari.

Matlabi Shayari Ka Matlab Kya Hai?

Matlabi Shayari un sher aur do-line jazbaaton ko kehte hain jo un logon ke liye likhi jaati hain jo rishte sirf apne fayde ke liye nibhaate hain. Is shayari me pyar nahi, swarth dikhta hai. Yeh un pal ki kahani hai jab kisi apne ne sirf tab tak sath diya jab tak usse kuch milta raha.

Matlabi shayari sirf pyar tak simit nahi hai. Yeh dosti, rishtedari, aur roz ki zindagi ke un rishton pe bhi likhi jaati hai jaha logon ne sirf apna matlab nikala. Har line ek sach dikhati hai ki duniya me sabka apna hisaab hota hai.

Yeh shayari dard ko shabd deti hai aur saath hi ek chetavani bhi, ki har rishta dil se nahi hota.

Best Matlabi Shayari in Hindi

Best Matlabi Shayari in Hindi

जब तक फायदा था तब तक अपने थे,
मतलब खत्म हुआ तो सब सपने थे।

हर मुस्कान के पीछे एक चाहत छुपी थी,
मतलब निकलते ही वो राहत छुपी थी।

जो कल तक हमसे बात किए बिना नहीं रहता था,
आज मतलब निकलते ही पहचानता भी नहीं था।

दिल से जुड़े थे हम, ये हमारी भूल थी,
मतलब से जुड़े थे वो, ये उनका उसूल था।

वक्त पड़ने पर सब साथ छोड़ जाते हैं,
मतलब की दुनिया में सिर्फ फायदे याद आते हैं।

जिनको हमने अपना समझा वो पराये निकले,
मतलब की बातों में सब सयाने निकले।

हमने तो बस साथ निभाना सीखा था,
मतलब निकालना उनका पुराना तरीका था।

आज भी याद है वो झूठे वादों का दौर,
मतलब पूरा होते ही बदल गया हर ठौर।

जितनी जरूरत थी उतना ही साथ मिला,
बाकी सब कुछ सिर्फ इक हिसाब मिला।

दिल लगाना गुनाह था शायद उस मतलबी दुनिया में,
हर रिश्ता तोला जाता था सिर्फ सुविधा में।

वो अपने मतलब से मिलते रहे उम्र भर,
हमने समझा प्यार है, निकला बस इक सफर।

जो साथ चलते थे राह की हर मोड़ तक,
मतलब खत्म हुआ तो छोड़ गए उसी छोर तक।

फायदे की भाषा में सब कुछ लिखा था,
मोहब्बत के नाम पर बस मतलब टिका था।

जब जरूरत थी तो हर कोई अपना लगा,
मतलब निकलते ही सबका असली चेहरा जाग गया।

हमने वफा निभाई बिना किसी शर्त के,
वो मतलब निभाते रहे हर सूरत में।

मतलब की दुनिया में सच्चाई कहां टिकती है,
हर मुस्कुराहट के पीछे इक चाल दिखती है।

जिसे अपना कहा उसी ने रास्ता बदला,
मतलब पूरा होते ही रिश्ता ही बदला।

साथ देने का वादा सिर्फ जुबानी था,
मतलब की दुनिया में हर बात बेमानी थी।

जो कल तक हमराज़ था वो आज अजनबी हुआ,
मतलब निकलते ही उसका असली रूप जुदा हुआ।

हमने तो रिश्ता निभाया दिल से हर बार,
मतलब वालों को बस चाहिए था फायदे का आधार।

Matlabi Log Shayari

Matlabi Log Shayari

मतलबी लोग पहचान में देर नहीं लगाते,
जरूरत खत्म होते ही आंखें फेर जाते हैं।

जो कल तक हर बात में साथ खड़े रहते थे,
मतलब निकलते ही अनजान बने रहते थे।

मतलबी इंसान की यही तो पहचान है,
काम निकलते ही खत्म हो जाती है मुस्कान।

ऐसे लोगों से क्या गिला करें हम,
जिनकी दोस्ती भी सिर्फ मतलब का सिला थी।

दिखावे की बातें करते हैं ये मतलबी लोग,
अंदर से खाली और बाहर से भोग।

जिनको हमने अपना समझ के अपनाया,
उन्हीं मतलबी लोगों ने रिश्ता आजमाया।

मतलबी लोग सिर्फ फायदे की भाषा जानते हैं,
दिल की बातें वो कभी नहीं मानते हैं।

जब तक काम है तब तक हर कोई अपना है,
मतलबी दुनिया का यही तो सपना है।

मुस्कुराते हुए मिलते हैं मतलबी लोग,
पर अंदर छुपाए रखते हैं अपना ही रोग।

हर बात में उनका अपना फायदा छुपा था,
मतलबी होना ही शायद उनका स्वभाव था।

जरूरत के वक्त पहचान बदल जाती है,
मतलबी लोगों की फितरत यही सच्चाई है।

जिनसे उम्मीद थी साथ की, वही सबसे पहले मुड़े,
मतलबी लोगों के इरादे हमेशा उधड़े।

मतलबी लोग कभी दिल से नहीं जुड़ते,
सिर्फ फायदे के लिए रिश्ते जोड़ते हैं।

काम निकलते ही जो रास्ता बदल लेते हैं,
मतलबी लोग वही असली रंग दिखा देते हैं।

हर मुलाकात के पीछे कोई वजह होती है,
मतलबी दुनिया में यही तो रवायत होती है।

जो सिर्फ फायदे के लिए हाथ मिलाते हैं,
वही मतलबी लोग अक्सर धोखा दे जाते हैं।

दिखने में अपने और अंदर से पराये,
मतलबी लोग यूं ही रिश्ते निभाए।

जिनका साथ सिर्फ जरूरत तक होता है,
उन मतलबी लोगों से क्या शिकवा होता है

सच्चाई से दूर और चालों के करीब,
मतलबी लोगों की यही होती है तासीर।

मतलबी लोग हर बार नया बहाना ढूंढते हैं,
फायदा निकलते ही पुराना रिश्ता छोड़ते हैं।

Matlabi Yaar Dost Shayari

Matlabi Yaar Dost Shayari

जिसे दोस्त समझ के हर राज़ बताया,
उसी मतलबी यार ने वक्त पर धोखा दिया।

दोस्ती के नाम पर बस मतलब निभाया उसने,
हर मुश्किल में साथ छोड़ दिया उसने।

यारी निभाने का दावा तो बहुत करता था,
मतलब निकलते ही मुंह फेर के जाता था।

सच्चे दोस्त की तलाश में उम्र गुज़ार दी,
मतलबी यारों ने बस हर बार निराश किया।

जिसे यार कहा उसी ने साथ छोड़ा,
मतलब पूरा होते ही रिश्ता तोड़ा।

दोस्ती में भी लोग हिसाब रखने लगे हैं,
मतलबी यार अब हर तरफ दिखने लगे हैं।

मुश्किल वक्त में जो साथ नहीं देता,
वो मतलबी यार दोस्ती का हक नहीं लेता।

हर बात में साथ देने का वादा था उसका,
मतलब निकलते ही गायब हो गया रस्ता उसका।

यार वही अच्छा जो बिना मतलब के मिले,
मतलबी दोस्तों के वादे बस हवा में घुले।

जिनके साथ हंसी के पल बांटे थे हमने,
मतलबी यारों की असलियत भी जानी हमने।

दोस्ती का रिश्ता दिल से निभाना चाहिए,
मतलबी यारों को वक्त पर पहचानना चाहिए।

जो सिर्फ फायदे के लिए दोस्ती निभाते हैं,
वो मतलबी यार कभी साथ नहीं आते हैं।

यारी में भी अब स्वार्थ घुल गया है,
मतलबी दोस्तों का चलन बढ़ गया है।

जिसे अपना यार समझा वो पराया निकला,
मतलब की दोस्ती का यही सिलसिला निकला।

हर मुसीबत में साथ छोड़ जाते हैं ऐसे यार,
मतलबी दोस्ती का बस यही है असली किरदार।

दोस्ती में भी अब शर्तें लगने लगी हैं,
मतलबी यारों की फितरत दिखने लगी है।

जो सिर्फ अच्छे वक्त में साथ रहता है,
वो मतलबी यार सच्चा दोस्त नहीं कहलाता है।

यार बनाना आसान है, सच्चा पहचानना मुश्किल,
मतलबी दोस्त का चेहरा हर पल बदलता है, मुश्किल से मुश्किल।

जिनसे उम्मीद थी साथ निभाने की,
वही मतलबी यार निकले फायदा उठाने की।

सच्ची दोस्ती मतलब से परे होती है,
मतलबी यारी बस नाम की होती है।

Matlabi Pyar Shayari

Matlabi Pyar Shayari

मोहब्बत के नाम पर बस मतलब निभाया उसने,
दिल तोड़ के अपना रास्ता बनाया उसने।

प्यार में भी अब फायदा ढूंढा जाता है,
मतलब इश्क का यही तो सिला मिलता है।

जिसे दिल से चाहा वो मतलब से मिला निकला,
प्यार का हर वादा बस छलावा निकला।

मोहब्बत सच्ची होती तो शर्तें ना होतीं,
मतलबी प्यार में बस उम्मीदें ही होतीं।

जिसे अपना समझ के दिल में बसाया,
उसी मतलबी प्यार ने आंसू दिलाए।

इश्क में भी अब हिसाब लगाया जाता है,
मतलब कि मोहब्बत का यही अंजाम पाया जाता है।

प्यार का दावा करने वाले कम नहीं मिलते,
निभाने वाले मतलबी प्यार में सच में नहीं मिलते।

दिल दिया था बिना किसी शर्त के,
वो मतलब निभाते रहे हर सूरत में।

मोहब्बत में भी अब फायदा तलाशा जाता है,
मतलबी इश्क का यही रिवाज़ बन जाता है।

जिसे प्यार समझा वो सौदा निकला,
मतलब कि मोहब्बत का यही फ़लसफ़ा निकला।

सच्चा प्यार शर्तों से परे होता है,
मतलबी इश्क बस नाम का होता है।

दिल लगाना आसान है, निभाना मुश्किल,
मतलबी प्यार में वफा ढूंढना मुश्किल।

जिसने कहा था साथ निभाएंगे हर मोड़ पर,
वही मतलब निकलते ही बदल गया हर ठौर पर।

मोहब्बत में भी अब गणित लगाया जाता है,
मतलबी इश्क में बस फायदा उठाया जाता है।

जिसे दिल की गहराई से चाहा हमने,
मतलबी प्यार की सच्चाई भी जानी हमने।

प्यार के नाम पर बस झूठे वादे मिले,
मतलबी मोहब्बत में सिर्फ धोखे मिले।

इश्क सच्चा हो तो कोई शर्त नहीं होती,
मतलबी प्यार में सिर्फ उम्मीद होती।

जिसे अपना चाहा वो बस मतलब का निकला,
मोहब्बत का हर वादा एक छलावा निकला।

दिल टूटने का दर्द वही जानता है,
जिसे मतलबी प्यार ने अकेला छोड़ दिया है।

सच्चा इश्क वो है जो बिना मतलब के हो,
मतलबी मोहब्बत बस दिखावे भर के हो।

Matlabi Rishtedar Shayari

Matlabi Rishtedar Shayari

खून के रिश्तों में भी अब मतलब आ गया है,
अपनों का प्यार भी सौदा बन गया है।

जिन रिश्तेदारों को अपना समझा था हमने,
मतलब निकलते ही उनका असली रूप देखा हमने।

रिश्ते निभाने का दावा तो सब करते हैं,
मतलब की खातिर ही अक्सर मिलने आते हैं।

बुरे वक्त में कोई रिश्तेदार साथ नहीं आता,
मतलब की दुनिया में सच्चा रिश्ता कम पाता।

जिनसे खून का नाता था वही पराये निकले,
मतलबी रिश्तों के सारे रंग उजागर निकले।

घर के रिश्तों में भी अब हिसाब लगता है,
मतलब पूरा होने पर ही प्यार दिखता है।

अपनों से उम्मीद रखना अब मुश्किल हो गया,
मतलबी रिश्तों का ये सिलसिला हो गया।

जो रिश्ता सिर्फ फायदे पर टिका हो,
वो कभी दिल से निभाया नहीं जा सकता।

खुशी में सब साथ रहते हैं अक्सर,
मतलबी रिश्तेदार दुख में हो जाते गायब।

अपनों का प्यार भी अब शर्तों पर मिलता है,
मतलब कि दुनिया में यही चलन चलता है।

जिन रिश्तों में अपनापन ढूंढा था हमने,
वहां भी मतलब का सौदा देखा हमने।

रिश्तेदारी में भी अब गणित लगाया जाता है,
मतलबी नाता बस काम आने पर निभाया जाता है।

जो मुश्किल वक्त में मुंह फेर लेते हैं,
वो रिश्तेदार भी मतलबी कहलाते हैं।

खून के रिश्ते भी दिल से नहीं जुड़ते अब,
मतलब की खातिर ही करीब आते हैं सब।

अपनों की भीड़ में भी तन्हा हो गया मैं,
मतलबी रिश्तों को पहचान गया मैं।

जिनसे हक जताया वही सबसे दूर निकले,
मतलबी रिश्तेदार बस नाम के हजूर निकले।

घर के लोग भी अब मतलब देखने लगे हैं,
सच्चे रिश्ते अब कम टिकने लगे हैं।

अपनों से मिलने का मकसद भी बदल गया,
मतलबी रिश्तों में अब प्यार भी छल गया।

जो रिश्ता सिर्फ जरूरत पर टिका रहे,
वो रिश्ता सच में कभी नहीं निभा सके।

खून का रिश्ता भी अब भरोसे लायक नहीं रहा,
मतलबी दुनिया में कोई अपना नहीं रहा।

Dard Bhari Matlabi Shayari

Dard Bhari Matlabi Shayari

दिल टूटा है उस मतलबी दुनिया से हमारा,
जहां हर रिश्ता निकला बस इक सहारा।

आंसू छुपाना अब आदत बन गई है,
मतलबी लोगों की वजह से ये हालत बन गई है।

जिसे अपना समझ के दर्द बांटा था हमने,
उसी मतलब ने जख्म बांटे हमने।

दिल का दर्द कोई नहीं समझता यहां,
मतलबी दुनिया में सच्चा हमदर्द नहीं मिलता कहाँ।

हर मुस्कान के पीछे एक दर्द छुपा है,
मतलबी रिश्तों ने ये जख्म दिया है।

जिसे अपना कहा उसी ने तोड़ा दिल हमारा,
मतलब की दुनिया में यही मिला सहारा।

दर्द छुपाना अब फितरत बन गई है,
मतलबी लोगों से ये सीखत मिली है।

जो साथ छोड़ गए वक्त की मार में,
उनकी यादें अब भी दिल के हर तार में।

आंखों में आंसू और दिल में है दर्द,
मतलबी रिश्तों ने दिया है ये सफर।

जिन्हें दिल से चाहा वही दर्द दे गए,
मतलब निकलते ही सब कुछ छीन ले गए।

दर्द बांटने वाला कोई नहीं मिलता,
मतलबी दुनिया में सच्चा साथी नहीं मिलता।

जख्म गहरे हैं मगर दिखते नहीं हैं,
मतलबी लोगों के दिए घाव भरते नहीं हैं।

दिल की बात किससे कहें अब हम,
मतलबी दुनिया में तन्हा रह गए हम।

हर रिश्ता निभाया दिल से हमने,
दर्द ही पाया मतलब भरे रिश्तों से हमने।

आंसुओं की कीमत कोई नहीं समझता,
मतलबी दुनिया में हर कोई अपना मतलब ढूंढता है।

टूटा हुआ दिल लिए फिरते हैं हम,
मतलबी लोगों की वजह से खामोश हैं हम।

दर्द का साथी बनने वाला कोई नहीं मिलता,
मतलबी रिश्तों में सच्चा अपनापन नहीं दिखता।

जिसे अपना समझ के हर गम बांटा,
उसी ने मतलब निकलते ही रास्ता काटा।

दिल के जख्म वक्त के साथ भी नहीं भरते,
मतलबी लोगों की यादें फिर भी हैं जिंदा रहते।

हर दर्द के पीछे एक कहानी छुपी है,
मतलबी दुनिया ने ये जिंदगानी दी है।

Matlabi Duniya Shayari

Matlabi Duniya Shayari

इस मतलबी दुनिया में कोई किसी का नहीं होता,
जब तक फायदा होता, तब तक ही साथ होता।

दुनिया का दस्तूर अब बदल गया है,
हर रिश्ता मतलब पर निकल गया है।

जहां देखो वहां मतलब की बातें होती हैं,
सच्चे रिश्तों की अब कमी होती है।

मतलबी दुनिया में सच्चाई ढूंढना मुश्किल है,
हर चेहरे के पीछे एक चाल है यहां।

इस दुनिया में सब अपना फायदा देखते हैं,
जरूरत खत्म होते ही रास्ता बदल लेते हैं।

दुनिया की रीत भी अब मतलब पर टिकी है,
जहां फायदा वहीं भीड़ जमा दिखती है।

मतलबी दुनिया में इंसानियत कम बची है,
हर तरफ बस स्वार्थ की खिचड़ी पकी है।

जिस दुनिया में हम रहते हैं यहां,
मतलब के बिना कोई नहीं मिलता कहाँ।

दुनिया दिखाने को कुछ और होती है,
अंदर से मतलब की चादर ओढ़े होती है।

इस मतलबी दुनिया में सब कुछ बिकता है,
सच्चा रिश्ता ढूंढने में वक्त लगता है।

दुनिया के इस मेले में सब अपना मतलब ढूंढते हैं,
सच्चे रिश्ते कम, दिखावे ज्यादा दिखते हैं।

मतलबी दुनिया की यही रीत पुरानी है,
जहां फायदा वहीं दोस्ती निभानी है।

इस दुनिया में हर कोई अपना हिसाब रखता है,
मतलब निकलते ही दूरी बना लेता है।

दुनिया की चमक में सच्चाई खो गई है,
मतलब की भीड़ में इंसानियत सो गई है।

जहां मतलब है वहीं भीड़ लगती है यहां,
सच्चे रिश्ते ढूंढना मुश्किल है यहां।

इस मतलबी दुनिया में हर कोई अकेला है,
जिसने मतलब को पहचान लिया, वही सबसे सयाना है।

दुनिया का हर रिश्ता तोला जाता है यहां,
मतलब के तराजू पर सब बिकता है यहां।

मतलबी दुनिया में जीना अब आदत बन गई है,
सच्चाई की जगह चालाकी हावी हो गई है।

इस दुनिया में सब कुछ बदल गया है,
मतलब के आगे हर रिश्ता ढल गया है।

जिसने मतलबी दुनिया को पहचान लिया,
उसने हर रिश्ते का असली रंग जान लिया।

2 Line Matlabi Shayari

2 Line Matlabi Shayari

मतलब पूरा हुआ तो सब बदल गए,
अपने भी अब पराये से लगते हैं।

जिनसे उम्मीद थी वही धोखा दे गए,
मतलब दुनिया का यही किस्सा रह गया।

फायदा खत्म तो रिश्ता खत्म,
यही आजकल का चलन है, दोस्त।

मुस्कान थी झूठी और वादे भी झूठे,
मतलब निकला तो सारे रिश्ते टूटे।

जब तक जरूरत थी तब तक अपने थे,
मतलब खत्म हुआ तो सब सपने थे।

दिखावे की दुनिया में सच्चाई कहां,
मतलबी लोगों का ठिकाना यहां-वहां।

जिसे अपना समझा वो पराया निकला,
हर रिश्ता बस इक सौदा निकला।

मतलब की बातें करते हैं सब यहां,
सच्चा दिल ढूंढना मुश्किल है यहां।

काम निकलते ही चेहरा बदल गया,
मतलबी होना उसका असली रूप निकला।

साथ था जब तक फायदा था,
मतलब खत्म तो रास्ता जुदा था।

रिश्ते अब मतलब से बनते हैं,
दिल से जुड़ने वाले कम मिलते हैं।

जिसने वादा किया था साथ निभाने का,
वही निकला मतलब से मिलने वाला।

मतलबी लोगों को पहचानना आसान नहीं,
पर वक्त के साथ सब सामने आ ही जाता है।

फायदे की भाषा में हर रिश्ता बंधा है,
मतलब की दुनिया में सच्चा प्यार कम बचा है।

जो सिर्फ जरूरत में याद करते हैं,
वो असल में कभी अपने नहीं होते।

मतलब निकलते ही रिश्ता बदल गया,
भरोसा किया था हमने, वो छल गया।

दिखावे में सब अच्छे लगते हैं,
मतलब सामने आते ही असली रंग दिखते हैं।

जिनका साथ सिर्फ स्वार्थ पर टिका था,
उनका जाना ही सबसे अच्छा हुआ था।

मतलबी रिश्तों से बेहतर तो तन्हाई है,
जहां कम से कम कोई धोखा तो नहीं है।

अपनों में भी मतलब ढूंढा जाता है,
यही तो आजकल का दस्तूर बन जाता है।

Matlabi Shayari in English Hinglish

Matlabi Shayari in English Hinglish

Jab tak fayda tha tab tak apne the,
Matlab khatam hua to sab sapne the.

Jin logon ko humne dil se chaha tha,
Unhi ne matlab nikalte hi raasta badla tha.

Dosti ka daava karte hain bahut log,
Par matlab nikalte hi badal jaate hain wahi log.

Rishton mein bhi ab hisaab lagaya jaata hai,
Matlab ki duniya mein yahi chalan chalta hai.

Jab kaam nikal gaya to pehchaan badal gayi,
Matlabi logon ki yahi to fitrat nikli.

Sach kaha tha kisi ne, matlab ki duniya hai,
Jahan har rishta bas fayde par tika hai.

Jinse ummeed thi sath nibhane ki,
Wahi nikle matlab se milne wale.

Dikhawe ki duniya mein sachai kam milti hai,
Matlabi logon ki pehchan der se milti hai.

Fayda khatam hote hi rishta khatam ho jaata hai,
Yahi to aajkal ka chalan ban jaata hai.

Muskurahat ke peeche matlab chhupa hota hai,
Kaam nikalte hi asli chehra dikhta hai.

Jin rishton mein apnapan dhoonda tha humne,
Wahan bhi matlab ka sauda dekha humne.

Matlab ki bhasha mein har rishta bandha hai,
Sachcha pyar ab bahut kam bacha hai.

Jab tak zaroorat thi tab tak sath the,
Matlab poora hote hi sab anjaan se the.

Rishtedar bhi ab matlab dekhne lage hain,
Sachche log ab kam milne lage hain.

Duniya ka dastoor hi aisa ho gaya hai,
Matlab ke aage har rishta dhal gaya hai.

Jisne matlabi duniya ko pehchan liya,
Usne har rishte ka asli rang jaan liya.

Dil se rishta nibhaya tha humne har baar,
Matlab walon ko bas chahiye tha fayde ka aadhar.

Kaam nikalte hi raasta badal lete hain log,
Matlabi hona hi shayad unka asli rog.

Jab tak fayda hai tab tak sath hai yahan,
Matlab khatam to koi apna nahi yahan.

Sach yehi hai ki matlab ke bina koi nahi milta,
Is duniya mein har rishta fayde se hi chalta.

Frequently Asked Questions

Matlabi shayari kise kehte hain?

Matlabi shayari un logon ke liye likhi jaati hai jo rishte sirf apne fayde ke liye nibhaate hain. Yeh dard aur swarth ke ehsaas ko shabdon me dhalti hai.

Kya matlabi shayari sirf pyar pe hi likhi jaati hai?

Nahi, yeh dosti, rishtedari aur roz ki zindagi ke rishton pe bhi likhi jaati hai, sirf pyar tak simit nahi hai.

Best matlabi shayari for WhatsApp status kaunsi hai?

Chhoti aur seedhi do line shayari sabse best rehti hai, jaise “jab tak fayda tha tab tak apne the, matlab khatam hua to sab sapne the.”

Matlabi dost ko kya bole?

Seedhe kehne ki bajaye shayari se baat samjhana zyada asar karta hai, jaise “dosti ka daava karte hain bahut log, par matlab nikalte hi badal jaate hain wahi log.”

Conclusion

Matlabi shayari sirf shabd nahi hai, yeh un jazbaaton ka aaina hai jo har koi kabhi na kabhi mehsoos karta hai. Chahe wo koi dost ho, rishtedar ho ya pyar, matlab ki duniya ne sabko kisi na kisi mod par tanha chhoda hai. 

Umeed hai yeh collection tumhe apni baat kehne ka sahi tareeka de paya hoga, chahe wo WhatsApp status ho ya Instagram caption.

Agar tumhe apne dard ko aur behtar tareeke se bayaan karna hai, to tum humari Dhoka Shayari aur Bewafa Shayari bhi zaroor padho. Aur agar koi tumhe baar baar pareshan kar raha hai, to Ignore Shayari tumhare kaam aayegi. Apni pehchan aur himmat dikhane ke liye Attitude Shayari bhi ek behtareen option hai.

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